1121 धान की जानकारी

विश्व में चीन के बाद भारत सबसे बड़ा धान उत्पादक देश है, क्योंकि भारत की समशीतोष्ण जलवायु इस खेती के लिए सबसे ज्यादा प्रयुक्त समझी जाती है, यही कारण है कि वर्ष 2021- 22 में भारत ने करीब 316 मिलियन टन धान का उत्पादन किया गया, धान की कई किस्मों में 1121 धान की खेती करना किसानों के पहली पसंद होती है |

तो आइये इस लेख के माध्यम से इस फसल से जुड़ी खास जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते है|

1121 धान की खेती कैसे करें | 1121 धान की खेती

1121 धान की खेती के लिए सबसे पहले खेत की जुताई करने की आवश्यकता होती है ताकि पुरानी फसल के सभी अवशेष निकल जाये।

इसके बाद इस खेत में कुछ दिन पानी लगा के छोड़ देना जाये ताकि मिटटी नमी को अच्छी तरह शोख लें, अब बारी आती है खेत में जुताई करके मेड बनाने की, इसके लिए आप कृषि यंत्रो का करके बहुत ही कम समय में मेड बना सकते है, |

इसके बाद आप धान की बुआई प्रारम्भ करें, यदि खेती करते समय आप फसल की उत्पादकता बढ़ाना चाहते है तो इसमें यूरिया और खादों का प्रयोग सही मात्रा में करें खादों की सही मात्रा की जानकारी आपको इस आर्टिकल में बताई जाएगी।

1121 धान की उम्र कितनी है

यह फसल करीब 135 दिनों में तैयार हो जाती है इस खेती में बुवाई से लेकर इसकी कटाई तक 4 – 5 महीने का समय लगता है।

इसके बाद इससे प्राप्त धान से 1121 पूसा बासमती चावल प्राप्त किया जाता है, शुरुआत के पहले महीने में इस खेती में सिचाई की काफी आवश्यकता पड़ती है इसलिए इसे मानसूनी समय अर्थात जून और जुलाई के महीने में बोना प्रारम्भ किया जाता है।

मानसूनी बारिश मिटटी की उर्वर शक्ति को बढ़ाने में काफी मदद करती है, बारिश न होने की दशा में या सिचाई पूरी तरह न होने पाने के कारण यह धान की उपज काफी धीरे हो जाती है जिसके कारण यह फसल 5 – 6 महीने के समय ले सकती है।

1121 धान की फसल aur any fasal me kya fark hai

भारत में धान के करीब 1200 से अधिक किस्में पायी जाती है, इसमें 1121 धान एक उत्कृष्ट कोटि का धान है, बाजार में इसे बासमती पूसा 1121 के नाम से जाना जाता है, बासमती पूसा चावल पकने पर महक देते है |

जिससे आपकी इनकी पहचान कर सकते है, यह अन्य चावलों की तुलना में लम्बे और पतले होते है, तथा इनका प्रयोग पुलाव और बिरयानी के लिए सबसे उपयोगी समझा जाता है।    

1121 धान की जानकारी

बासमती पूसा की उपज सबसे ज्यादा भारत में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तरखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार राज्य में प्रमुखता के साथ किया जाता है, यहां की भूमि इस फसल के लिए सबसे प्रयुक्त मानी जाती है|

साथ साथ ये सभी राज्य गंगा व अन्य सहायक नदियों के किनारे है जिसके कारण इन राज्यों में सिचाई के लिए पानी की भी उचित व्यवस्था हो जाती है।

इन राज्यों में बारिश के बाद होने वाली उमस बासमती खेती की फसल की वृद्धि में काफी सहायक साबित होती है इसलिए 1121 बासमती पूसा की खेती भारत के पूर्व – उत्तर के राज्य काफी मात्रा में करते है।

धान 1121 किस्म kaunsi hai, iske bareme jankari

इस धान से निकलने वाले चावलों की लम्बाई 8.02 – 8. 30 मिमी के आसपास होती है और यह चावल खाने में काफी मुलायम और सुपाच्य रहता है, इसलिए धान 1121 को बासमती किस्म का धान मन गया है। इस चावल को धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के अंदर पका कर खाने योग्य बनाया जा सकता है।

धान की 1121 फसल ke liye yogya samay, kisan kis samay ise karte hai

1121 धान की उपज के लिए सबसे अच्छा मौसम जून और जुलाई का माना जाता है क्योंकि भारत में इन महीनों में पूर्वी मानसून बारिश करते है, धान के लिए सबसे आवश्यक चीज मिटटी की नमी का होना है|

जब तक मिटटी अच्छी तरह नम नहीं होगी धान की फसल अच्छी तरह से उपज नहीं सकती, दूसरा कारण यह भी है कि बारिश के बाद वातावरण में होने वाली आर्द्रता धान को अच्छी तरह पकाने में काफी मदद करती है, इसलिये भारत के अधिकांश भागों में आपको इन्हीं दिनों में कृषि इस धान की फसल की खेती करते नजर आते होंगे।

1121 rice length | 1121 basmati rice length

1121 धान पूसा बासमती चावल की लम्बाई लगभग 8.05 – 8.30 मिमी होती है, बासमती चावलों यह किस्म काफी लम्बे चावलों के रूप में पहचानी जाती है।

लम्बे चावलों का प्रयोग बिरयानी के लिए सबसे ज्यादा प्रयोग  में लाया जाता है क्योंकि बिरयानी में प्रयोग किये गए मसालों और बासमती चावलों की महक से ऐसी मनमोहक सुगंध उठती है कि कोई भी व्यक्ति इससे बने व्यजनों जो बिना खाये रह नहीं सकता।

इस चावल की लम्बाई और इसका पतला पन अन्य चवालो की तुलना में इसे और अधिक आकर्षित बनाता है, ऐसा माना जाता है कि चावल जितना लम्बा और पतला होता है, ग्राहक उतना अधिक उसे खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाते है। 

1121 चावल की कीमत kya hai

इस धान से निकले चावलों की कीमत बाजार में 90 से 100 रुपए प्रति / किग्रा है यदि थोक बाजार में इन चावलों का मूल्य देखा जाये तो करीब 7500 – 9000 रुपए प्रति / किवंटल के हिसाब से बेचा जाता है।

बासमती क़िस्म का यह चावल काफी सुगन्धित होने की वजह से अन्य बासमती चावलों से थोड़ा महंगे रेट में बिकता है, कई अन्य किस्म के बासमती चावल 60 – 70 रुपए प्रति किग्रा के हिसाब से बहुत ही आसानी से मिल जाते है, किन्तु कई बासमती चावल पकने पर वह सुगंध और स्वाद नहीं दे पाते जोकि 1121 पूसा बासमती चावल देता है, इसलिए बाजार में इसकी कीमत अन्य चावलों की तुलना में अधिक रहती है।

1121 बासमती धान की खेती ke fayde aur nuksan bataye

दोस्तों 1121 बासमती धान की खेती के कई फायदे और नुकसान है आइये सबसे पहले इसके फायदे के बारे में जानने की कोशिश करते है।

1121 बासमती धान की खेती के फायदे

● यह धान की फसल आपको अच्छा मुनाफा दे सकती है, क्योकि ग्राहकों द्वारा इस चावल को काफी मात्रा में उपयोग किया जाता है, इसलिए यदि आपकी भूमि इस फसल के लिए योग्य है तो इसकी खेती करके आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते है।

● यह फसल 3 – 4 महीनों में पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है, इसलिये आप इस खेती की उपज करके बाकी अन्य सीजनों में दूसरे प्रकार की फसल की खेती कर सकते है।

1121 बासमती धान की खेती के नुकसान

● इसकी खेती एक जटिल प्रक्रिया है, इसमें जलवायु और मिटटी की उपजता का काफी ध्यान रखना रखना पड़ता है इसलिए इस खेती में मुनाफा ही होगा इसकी कोई गारंटी नहीं।

● इस धान के चावल महीन और पतले होने के कारण बहुत ही जल्दी टूट जाते है इसलिए 1121 धान की उपज में नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।

● बाजार में इसका मूल्य थोड़ा महंगा रहने की वजह से लोग चावल के अन्य किस्मों को खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाते है, अतः बाजार में कम उपयोगिता होंने के कारण किसानो द्वारा इस धान को बेच पाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।  

1121 बासमती धान की खेती ke liye davaiya kaunsi le aur kya khayal rakhe

सिर्फ सिचाई और मौसम ही नहीं बल्कि 1121 बासमती पूसा चावल की खेती के लिए कई प्रकार की कृषि कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया जाता है, इसके लिए आपको बीजों की मात्रा और उपयोग किये जाने वाले क्षेत्र का ताल मेल रखना पड़ता है। खेती करते समय बासमती चावल में कई कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया जाता है |

जैसे – ट्राई साइक्लाजोल, बूप्रोफेजिनम, एसीफेट, क्लोर पाइरी फॉस, मेथा मिडो फॉस, प्रोपिको नाजोल, थायो मेथाक्साम, प्रोफेनोफॉस, आइसो प्रोथियो लोन और कार्बेन्डाजिम आदि।

इन सभी कीटनाशकों का प्रयोग आप कृषि डॉक्टरों की सलाह लेकर कर सकते है। इसके अलावा इस धान की खेती में आपको बुआई,सिचाई, रोपाई करने की विधि कृषि सलाहकारों के अनुसार करना चाहिए, सूखे का आसार यदि हो तो उस वर्ष इस 1121 बासमती की खेती करने से बचना चाहिए।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपको धान की एक उत्कृष्ट क़िस्म 1121 धान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी, जिसकी मदद से आपको इस फसल की खेती करने और उसकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई अचूक उपायों के बारे में बताया गया साथ ही साथ आपने यह भी जाना कि इस धान ने निकलने वाले चावलो का मूल्य बाजार में क्या चल रहा है तो दोस्तों यदि आप भविष्य में ऐसी ही जानकरियों से रूबरू होना चाहते है तो हमारे साथ आगे भी इसी तरह बने रहियेगा।

धन्यवाद ! 

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